Hindi Shayari

Hindi Romantic Shayari

हर ख़ुशी मुझ से छूट गयी।
जो तुम मुझ से रूठ गयी।

अब जीता हु बस तेरे इंतज़ार में।
बस दे दो थोड़ा प्यार मुझे।

ये वादा है दूंगा हर कदम साथ तेरा।
बस थाम ले तू हाथ मेरा।

सच कर दूंगा हर ख्वाब तेरा।
चाहे हो जाऊ मैं खुद भी फ़ना।

मैं जीना तुम से सीखा हूं।
मर जाऊंगा तेरे बिना।

तू आजा फिर से पास मेरे।
फिर रख दे दिल पर हाथ मेरे।

मैं फिर से जीना चाहता हुँ।
तुझ को फिर पाना चाहता हुँ।

फिर हसन रोना चाहता हुँ।
तू चल दे बस साथ मेरे।

– ज़ुबैर इक़बाल, मुरादाबाद

Very Sad Hindi Shayari on Love

Dil Letter

बिछड गया …
बिछड गया कोई हमसे अपना

करीबी वक्त की मार में
कोई हो गया अंजान हमसे
किसमत की इस चाल में

टूट कर बिखर गये अरमान मेरे
इस कदर
फिर टूट गया मेरे इस दिल का भी सबर

बिछड गया कोई हमसे अपना
पहली दफह किसी को इतना चाह था मैनें
उसे फिर अपना खुदा माना था मैंने

वो मेरे ख्यालों में जीया करता था
मेरे हर साँस की एक वजह वो भी हुआ करता था

बिछड गया कोई हमसे अपना

उसे इज्हार कर हमने अपनी मुहब्बत का इहसास कराया था
खामौशी में उसने भी फिर प्यार जताया था

मैं उम्मीदों को जिंदा रख जीने लगा था
उसके हर दुख को अपना समझ पीने लगा था

बिछड गया कोई हमसे अपना

वो दुखी सा होकर हम्हें इंकार करता था
वजह अंजान थी क्योकि हर बार करता था

मैं उसे सच्ची मुहब्बत करने लगा
उसके हाँ के इतजार में जीने लगा

बिछड गया कोई हमसे अपना

सब कुछ अच्छा चल रहा था
उसे भी है अब प्यार एसा लग रहा था

फिर अचानक इक भवंडर आया
मेरी जीवन में तूफान ले आया

बिछड गया कोई हमसे अपना

उसके अतीत का इक पन्ना आज उसका आज बनकर आया
मेरे दिल में हलचल मची फिर उसने मुझे बहुत रूलाया

टूट गया मैं अपनी क़मुहब्बत को संजोता – संजोता इस कदर…
देख ना सका अपना बुरा भी हर डगर

बिछड गया कोई हमसे अपना

फिर उसकी खुशी के लिए फिका सा मैं भी हंस दिया
हर अरमान मैंने अपना जिंदा दफन फिर मैनें कर लिया

आज वो दूर है मुझसे ए सच है
मुझे प्यार आज भी है उस्से ए भी सच है

उस उपर वाले की मर्जी नें मुझे अलग कर दिया
वो अलग हुआ पर मुझे पत्थर दिल कर दिया

बिछड गया कोई हमसे अपना …

– Saurabh Saini

Hindi Poem on Daughters

जीवन का अधार होती हैं बेटियाँ
सपनो को साकार करती हैं बेटियाँ

और हमारी खुशी के लिए
अपने सपनों से व्यापार करती हैं बेटियाँ

फिर क्यो नजर आती है वो चूल्हे पर रोटी सेकती
अरे समझो यार ईश्वर का वरदान होती हैं बेटियाँ।

– Anup Kumar
Ab. Rech student whose hobby is to write.

Numaish – Dr. Kumar Vishwas Poem

Dr. Kumar Vishwas Numaish Poem Lyrics in Hindi

कल नुमाइश में फिर गीत मेरे बिके
और मैं क़ीमतें ले के घर आ गया
कल सलीबों पे फिर प्रीत मेरी चढ़ी
मेरी आँखों पे स्वर्णिम धुआँ छा गया

कल तुम्हारी सु-सुधि में भरी गन्ध फिर
कल तुम्हारे लिए कुछ रचे छन्द फिर
मेरी रोती सिसकती सी आवाज़ में
लोग पाते रहे मौन आनंद फिर
कल तुम्हारे लिए आँख फिर नम हुई
कल अनजाने ही महफ़िल में, मैं छा गया

कल सजा रात आँसू का बाज़ार फिर
कल ग़ज़ल-गीत बनकर ढला प्यार फिर
कल सितारों-सी ऊँचाई पाकर भी मैं
ढूँढता ही रहा एक आधार फिर
कल मैं दुनिया को पाकर भी रोता रहा
आज खो कर स्वयं को तुम्हें पा गया

– डॉ. कुमार विश्वास

ज़िन्दगी का सफ़र – हिंदी शायरी

क्या सफ़र है ये ज़िन्दगी का या कोई इमितिहान है मेरा,
चली जा रही हूँ, दिये जा रही हूँ।

ना मंज़िल का पता है, ना परिणाम का,
फिर भी जिए जा रही हूँ, उम्मीद किये जा रही हूँ।

कहाँ पहुँचूंगी इस राह में, क्या पाऊँगी इस इम्तिहान से,
इसी सोच में अब मैं नादानियां किये जा रही हूँ।

क्या सफ़र हैं ये ज़िन्दगी का या कोई इम्तिहान है मेरा,
चली जा रही हूँ, दिए जा रही हूँ।

– मोनिका

Latest Shayari in Hindi Language

Latest Shayari in Hindi Language

मुसाफ़िराना सी है ज़िन्दगी,
कुछ मंज़िले अधूरी सी है,
कुछ ख़्वाब मुकम्मल हुए हैं,
बस कुछ थोड़े और बाकी है।

ना रात की गहराइयाँ दहला सकी,
न दिनों के मशरूफ़े हिला सके,
हैरान कम्भखत मेरे दिल ने कहा,
रहने दे अब जो भी बाकि है,

बीत गए कई लम्हे,
मौसम भागते भागते,
मंज़िले-ए-ख्वाहिश के चक्कर में,
कुछ सुकून मेरी रूह भी चाहती है,
कुछ दो पल का आराम अभी बाकि है,

भाग रहा हूँ न जाने किस ख़्वाब की चाहतों में,
हैरान परेशान थका हुआ सा,
आँखों में भरी बहुत नींद सी है,
डर तो इस बात का है के,
पागल दिल के फरमान अभी बाकि हैं,

मुसफ़िराना सी है ज़िन्दगी,
कुछ मंज़िले अधूरी सी है,
कुछ ख़्वाब मुकम्मल हुए हैं,
बस कुछ थोड़े और बाकी है।

– Hi This is Banshi Gurjar, a software professional, I am not much more eged but have seen the life very closely, an ambitious person with never ending dreams and never fading hard work, love to write in leisure.

Life is Sad Shayari in Hindi

Sad Shayari

किसी ने न चाह कर भी कितना चाह लिया मालूम पडा,
पत्थर ने चोट देकर जब चलना सिखा दिया…

– मै अश्विन राम, उम्र ४४, इंजीनियर हूं इलाहाबाद मे!